रामविलास पासवान के घर के बहाने अलौली विधानसभा सीट पर नजर, चिराग और पशुपति पारस में खींचतान!

admin
4 Min Read

खगड़िया
शहरबन्नी स्थित एक दो मंजिला मकान को लेकर शुरू हुआ पासवान परिवार (चिराग पासवान और पशुपति पारस) का विवाद राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मकान में दशकों से चिराग पासवान की बड़ी मां राज कुमारी देवी रह रही हैं। फिलहाल, राज कुमारी देवी पासवान परिवार की राजनीतिक विवाद में केंद्र बिंदु के रूप में उभरी हैं।   अपनी दोनों देवरानियों (पशुपति पारस की पत्नी शोभा देवी और स्व. रामचंद्र पासवान की पत्नी सुनैना देवी) के बहाने रालोजपा सुप्रीमो पशुपति पारस पर हमलावर हैं। चिराग ने इस पर अभी कुछ नहीं कहा है, लेकिन माना जा रहा है कि यह अलौली विधानसभा सीट की लड़ाई है।
 
अलौली सीट पर चाचा-भतीजे की नजर
अलौली और खगड़िया की राजनीति पर नजर रखने वाले कहते हैं- घर के बहाने सीट (अलौली सुरक्षित विधानसभा) पर लोजपा (रामविलास) सुप्रीमाे चिराग पासवान और राष्ट्रीय लोजपा सुप्रीमो पशुपति पासवान की नजर है। बताते चलें कि यह सीट पासवान परिवार से वर्षों से दूर हैं और अब चाचा-भतीजा दोनों की नजर इस सीट पर गड़ी हुई है। चिराग हर हाल में यह सीट अपनी पार्टी के नाम करना चाहते हैं। दूसरी ओर, यहां से सात बार एमएलए रहे पशुपति कुमार पारस अपने पुत्र यशराज पासवान उर्फ मुस्कान को यहां से चुनावी मैदान में उतारना चाह रहे हैं।यशराज की फिल्डिंग महीनों से जारी है। इधर, राष्ट्रीय लोजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने दैनिक जागरण से कहा है कि चिराग पासवान अपने खास व्यक्ति को अलौली से चुनाव लड़ाना चाह रहे हैं, इसलिए बड़ी मां राज कुमारी देवी को आगे कर षड्यंत्र रच रहे हैं। चिराग पासवान को राजनीति में इमोशनल कार्ड का इस्तेमाल करने में महारथ हासिल है।

वहीं, सूत्रों की माने तो चिराग पासवान अपने एक निकटतम रिश्तेदार को चुनाव लड़ाना चाह रहे हैं। यशराज के सवाल पर रालोजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कहते हैं कि यशराज पासवान के खून में ही राजनीति है और एक बड़े राजनीतिक परिवार से आते हैं। वे कहते हैं- यशराज पासवान का गांव-घर शहरबन्नी है। वे यहां घूम नहीं सकते? यह तो उनकी पारंपरिक सीट है। इधर, श्रवण अग्रवाल ने कहा है कि शहरबन्नी असामाजिक तत्व पहुंच रहे हैं। राज कुमारी देवी को बिहार सरकार और खगड़िया एसपी सुरक्षा प्रदान करे।

    वहीं, लोजपा(रा) के खगड़िया जिलाध्यक्ष शिवराज यादव ने कहा है कि जो लोग श्रद्धेय रामविलास पासवान को अपना ‘राम’ कहते रहे, उनके द्वारा उनके परिवार के खिलाफ अनर्गल टिप्पणी करना गलत है। उन्होंने कहा कि लोजपा (रा) भी राज कुमारी देवी की सुरक्षा की मांग पुलिस-प्रशासन से करती है। हमारी यह भी मांग है कि पुलिस-प्रशासन असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई करे।

इधर, गुरुवार को राज कुमारी देवी की छोटी बेटी आशा पासवान और दामाद साधु पासवान भी शहरबन्नी पहुंचे। साधु पासवान ने कहा कि यह पारिवारिक मामला है। घर के बड़े बुजुर्ग बैठ जाएं और फैसला करे लें। सुलह कर लें। चिराग जी, माता जी (राज कुमारी देवी) और चाचा जी (पशुपति पारस) आपस में बैठें। उन्होंने कहा, घर में ताला नहीं लगना चाहिए। राज कुमारी देवी सबसे बड़ी हैं और उनका सम्मान होना चाहिए।

मालूम हो कि दोनों देवरानियों ने राजकुमारी देवी का सामान घर के कमरों से बाहर निकालकर ताला लगा दिया था। इस मामले को लेकर राजकुमारी देवी ने थाने में केस भी किया है। गुरुवार काे राज कुमारी देवी ने कहा कि चिराग आ रहा है। उनके आने के बाद ही आगे की कोई बात होगी।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *