सहरिया परिवार अपने बेटा-बेटी की शिक्षा पर दें विशेष ध्यान : राज्यपाल पटेल

admin
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भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सहरिया, भारिया एवं बैगा समुदाय के विकास के लिये केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार के माध्यम से अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन समुदाय के विकास के लिये कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने पीएम जनमन योजना के लिये 24 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। इसके माध्यम से सहरिया, भारिया एवं बैगा समुदाय के लोगों को आवास के साथ-साथ अन्य मूलभूत सुविधायें भी मुहैया कराई जा रही हैं। राज्यपाल पटेल ने डबरा जनपद की ग्राम पंचायत छीमक में मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजनांतर्गत सहरिया हितग्राहियों को भैंस एवं पशु आहार वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मेंसंबोधित करते हुएयह बात कही ।

मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में 32 पशु पालकों को 2 – 2 भैंस एवं पशु आहार का वितरण किया गया। इस योजना के तहत हितग्राहियों को 90 प्रतिशत अनुदान भी उपलब्ध कराया जाता है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, विधायक मोहन सिंह राठौर, डबरा विधायक सुरेश राजे, पूर्व मंत्री श्रीमती इमरती देवी, प्रेम सिंह राजपूत एवं कौशल शर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में सहरिया परिवार के लोग उपस्थित थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के माध्यम से सहरिया परिवार के लोगों का जीवन स्तर अच्छा होगा। इसके साथ ही उनके परिवारों को पौष्टिक आहार भी मुहैया हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि सहरिया समुदाय के लोग आत्मनिर्भर बनें। इसके लिये अनेक योजनायें संचालित की गई हैं। राज्यपाल पटेल ने सहरिया समुदाय से आह्वान किया कि वे योजना के तहत मिले पशुओं की अच्छे से देखभाल करें और उससे होने वाली आय से अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण भी करें।

राज्यपाल पटेल ने सहरिया परिवारों से आह्वान किया है कि वे अपने बच्चों को शिक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ें। प्रगति की पहली सीढ़ी शिक्षा ही है, जिसके माध्यम से प्रगति संभव है। बेटों के साथ-साथ अपनी बेटियों को भी शिक्षित करने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना जैसी अनेक योजनायें महिलाओं और बालिकाओं के उत्थान के लिये संचालित हो रही हैं। केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर सहरिया परिवारों को अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में पहल करनी चाहिए। बालिकाओं को विदेश में पढ़ने के लिये भी प्रदेश सरकार के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाती है। बेटी पढ़ेगी तो अपने परिवार के साथ-साथ शादी के बाद अपने बच्चों को भी शिक्षित करने की दिशा में कार्य करेगी।

पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री लखन पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में सहरिया परिवारों के उत्थान के लिये मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना संचालित की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश भर में सहरिया, भारिया एवं बैगा जनजाति के लोगों को दुधारू पशु प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं को प्रदान करने के बाद विभाग के माध्यम से निरंतर मॉनीटरिंग भी की जा रही है। इस योजना के विस्तार के लिये भी प्रदेश सरकार गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। मंत्री पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 14 जिलों में यह योजना प्रारंभ की गई है। योजना के तहत हितग्राही को केवल 10 प्रतिशत राशि देना होती है। शेष 90 प्रतिशत राशि का अनुदान प्रदेश सरकार मुहैया करा रही है। इस योजना का सहरिया परिवारों को अधिक से अधिक लाभ लेकर अपने जीवन को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए।

क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के विकास के लिये कार्य किया जा रहा है। सहरिया परिवार के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा दुधारू पशु प्रदान करने की एक महत्वपूर्ण योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना से सहरिया परिवार के बच्चों को न केवल पौष्टिक आहार मिलेगा बल्कि उनके जीवन स्तर में भी आमूल-चूल परिवर्तन आयेगा।

राज्यपाल ने हितग्राहियों से की चर्चा

राज्यपाल पटेल ने ग्राम छीमक पहुँचकर मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के हितग्राहियों से भेंट की और योजना के संबंध में चर्चा की। उन्होंने हितग्राहियों से कहा कि जो दुधारू पशु प्रदाय किए जा रहे हैं इनकी देखभाल अपने बच्चों की तरह करें, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुरूप दूध प्रदान कर आपके जीवन को बेहतर बनाने का कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि जो पशु प्रदान किए गए हैं वह चार लीटर सुबह और चार लीटर शाम को दूध देने वाले पशु हैं। हर हितग्राही को दो पशु प्रदान किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से प्राप्त होने वाले दूध का परिवार में भी उपयोग करें और बेचकर जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में भी सार्थक प्रयास करें। कार्यक्रम में हितग्राहियों को दुधारू पशु प्रदाय योजना के तहत प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

 

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