नई दिल्ली: 10 सितंबर राज्यसभा सदस्य उपेंद्र कुशवाहा ने न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश करने वाली ‘कॉलेजियम प्रणाली’ पर मंगलवार को हमला किया और आरोप लगाया कि यह पिछड़े समूहों के लोगों को उच्च न्यायपालिका में नियुक्त होने से रोकती है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘‘न्यायपालिका में लोकतंत्र की कमी’’ उन मुद्दों में से एक होगा, जिसे वह संसद में उठाएंगे।